MP Cabinet Meeting: मोहन यादव सरकार ने मंजूर किए 47,990 करोड़, हेल्थ-इंफ्रा समेत कई फैसले; किसानों और महिलाओं को भी सौगात
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 47,990 करोड़ रुपए के प्रस्ताव मंजूर किए। हेल्थ, आयुष्मान भारत, सड़क, वन समितियों, महिला पुरस्कार और सोयाबीन रिसर्च से जुड़े फैसले हुए।
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने प्रदेश के विकास, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण से जुड़े 47,990 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत, सड़क निर्माण, वन समितियों और कृषि अनुसंधान से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल रहे।
कैबिनेट के फैसलों में भोपाल-विदिशा मार्ग को चार लेन बनाने, भोपाल बायपास पर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह जारी रखने, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने और राज्य स्तरीय महिला पुरस्कारों की राशि बढ़ाने के निर्णय शामिल हैं। किसानों के लिए नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट को भूमि आवंटित करने को भी मंजूरी दी गई है।
हेल्थ और आयुष्मान भारत के लिए 44,515 करोड़ से ज्यादा
कैबिनेट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपए और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123 करोड़ 81 लाख रुपए शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े ये प्रस्ताव बैठक में स्वीकृत बड़े वित्तीय प्रावधानों में शामिल रहे।
भोपाल-विदिशा फोरलेन के लिए 1,757 करोड़ मंजूर
भोपाल को मेट्रोपॉलिटिन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन को भी मंजूरी मिली है। 44.830 किलोमीटर लंबे मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ चार लेन बनाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सरकार के अनुसार इससे सड़क बुनियादी ढांचे के साथ औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भोपाल बायपास पर 2031 तक टोल संग्रह की मंजूरी
कैबिनेट ने भोपाल बायपास के चार लेन मार्ग को छह लेन में विकसित करने के मद्देनजर उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह को जारी रखने की अनुमति दी है। 51.963 किलोमीटर लंबे मार्ग पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह की मंजूरी दी गई है। जरूरत के अनुसार इसकी अवधि को पांच साल और बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।
भोपाल बायपास शहर को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों से जोड़ता है। इस मार्ग का उद्देश्य भोपाल शहर पर यातायात के दबाव को कम करना और यात्रियों को सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है। टोल से प्राप्त राशि का इस्तेमाल राज्य मार्गों के विकास और संधारण सहित संबंधित कार्यों में किया जाता है।
वन समितियों के लिए 918 करोड़ की योजना
कैबिनेट ने वन विभाग के अंतर्गत संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने वाली योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। योजना का उद्देश्य जंगलों के संरक्षण और संवर्धन में श्रमिकों के साथ स्थानीय रहवासियों की भागीदारी बढ़ाना है।
प्रावधान के अनुसार काष्ठ के अंतिम पातन से प्राप्त लकड़ी की बिक्री से मिलने वाले राजस्व की 20 प्रतिशत राशि संयुक्त वन प्रबंधन समिति को दी जाती है।
रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
महिलाओं से जुड़े राज्य स्तरीय पुरस्कारों की राशि बढ़ाने का भी फैसला लिया गया। रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने की मंजूरी दी गई है। वहीं वर्ष 2006 से दिए जा रहे रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है।
रानी दुर्गावती पुरस्कार ऐसी महिला को देने का प्रावधान है जो विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रही हो। इसमें गंभीर बीमारी, एसिड अटैक, दहेज, घरेलू हिंसा या अन्य कठिन परिस्थितियों का सामना कर समाज सेवा करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य रखा गया है।
सोयाबीन किसानों के लिए रिसर्च इंस्टीट्यूट को जमीन
कैबिनेट ने सीहोर जिले के इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का फैसला किया है। यह संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत है।
सरकार ने इस फैसले को किसान वर्ष के दौरान सोयाबीन किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल किया है।
कृषि विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 795 करोड़
कैबिनेट बैठक में कृषि विश्वविद्यालय के संचालन के लिए भी 795 करोड़ 59 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव से संबंधित योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।
खनिज साधन विभाग के अंतर्गत कुल 54 खनिज भवन हैं। इनमें से कई भवनों को बने 10 वर्ष से अधिक समय हो चुका है। स्वीकृत योजना के तहत इन भवनों की मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों में किन क्षेत्रों पर जोर
मंगलवार की बैठक में लिए गए फैसलों में स्वास्थ्य, सड़क और परिवहन ढांचा, वन संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, कृषि अनुसंधान और सरकारी परिसंपत्तियों के रखरखाव जैसे क्षेत्र शामिल रहे। सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत से जुड़े प्रस्तावों का है।
कुल मिलाकर 47,990 करोड़ रुपए के प्रस्तावों की मंजूरी के साथ सरकार ने स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के साथ किसानों, महिलाओं और वन क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों के लिए भी कई फैसले किए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कितने करोड़ रुपए के प्रस्ताव मंजूर किए?
कैबिनेट ने मंगलवार की बैठक में कुल 47,990 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
भोपाल-विदिशा फोरलेन के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
44.830 किलोमीटर लंबे भोपाल-विदिशा मार्ग को चार लेन बनाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
रानी दुर्गावती पुरस्कार की राशि कितनी हुई?
रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है। रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी बढ़ाकर 2 लाख रुपए की गई है।
सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए कितनी जमीन आवंटित हुई?
सीहोर जिले के इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित करने को मंजूरी दी गई है।
भोपाल बायपास पर टोल कब तक जारी रहेगा?
51.963 किलोमीटर लंबे भोपाल बायपास पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह की अनुमति दी गई है। इसकी अवधि पांच साल तक और बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।
💬 Reader Discussion (2)
Great coverage on regional logistics freight networks.
Important policy update for regional manufacturing hubs.
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