मनमोहन सिंह को कोल ब्लॉक केस में क्लीन चिट: सोनिया गांधी ने मोदी पर साधा निशाना, बोलीं- इतिहास उन्हें याद रखेगा
सुप्रीम कोर्ट से मनमोहन सिंह को कोल ब्लॉक केस में राहत मिलने के बाद सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा और पूर्व प्रधानमंत्री की विरासत का बचाव किया।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। मंगलवार को लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह को एक शांत, सौम्य लेकिन बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई को Talabira-II कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े आपराधिक मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मनमोहन सिंह के खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी थी। अदालत ने उस निचली अदालत के आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसके तहत पूर्व प्रधानमंत्री को आरोपी के तौर पर समन किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया था?
मामला ओडिशा के Talabira-II कोयला ब्लॉक के 2005 में हुए आवंटन से जुड़ा था। विशेष अदालत ने 2015 में मनमोहन सिंह समेत अन्य लोगों को आरोपी के तौर पर समन किया था। जांच के बाद CBI ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन विशेष अदालत ने उसे स्वीकार नहीं किया था।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए कहा कि विशेष अदालत के पास जांच एजेंसी की रिपोर्ट को खारिज कर संज्ञान लेने का पर्याप्त आधार नहीं था। इसके साथ ही मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई।
सोनिया गांधी ने मोदी के पुराने बयान का जिक्र किया
सोनिया गांधी ने अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2017 के राज्यसभा भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने उस समय मनमोहन सिंह पर की गई टिप्पणी को संसद के इतिहास का बेहद निम्न स्तर बताया। सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने उस बयान पर आत्ममंथन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अगर हाल में अपने खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को माफ करने की बात कर सकते हैं, तो शायद वह मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई अपनी टिप्पणी के लिए भी खुद को माफ कर सकते हैं।
सोनिया बोलीं- मनमोहन सिंह की ईमानदारी का रिकॉर्ड अलग था
सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और जवाबदेही के रिकॉर्ड को रेखांकित किया। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री की कार्यशैली मौजूदा केंद्र सरकार के कामकाज से बिल्कुल अलग थी।
उन्होंने मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान आर्थिक विकास, निवेश और सामाजिक क्षेत्र में हुए कामों का भी उल्लेख किया। सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान भारत ने 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बावजूद मजबूती दिखाई और आर्थिक वृद्धि के साथ बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर आने में मदद मिली।
कोल ब्लॉक केस को लेकर क्या था विवाद?
Talabira-II कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में मनमोहन सिंह को 2015 में विशेष अदालत ने आरोपी के रूप में समन किया था। उस समय वह प्रधानमंत्री होने के साथ कुछ समय के लिए कोयला मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे थे। मामले में उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारख समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।
मनमोहन सिंह ने अपने फैसले में किसी आपराधिक मंशा से इनकार किया था। बाद में CBI की जांच में उनके खिलाफ अभियोजन योग्य मामला नहीं पाए जाने की बात कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2026 में इन रिपोर्टों को स्वीकार कर मामले को समाप्त कर दिया।
सोनिया गांधी ने कहा- मनमोहन सिंह के खिलाफ अभियान खत्म हुआ
सोनिया गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मनमोहन सिंह की सार्वजनिक छवि के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ लंबे समय तक राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बाद मनमोहन सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब मिल गया है। सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें अफसोस है कि मनमोहन सिंह इस फैसले को देखने के लिए मौजूद नहीं हैं।
मोदी सरकार पर भी लगाए गंभीर आरोप
सोनिया गांधी ने अपने लेख में केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया।
उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष में रहते हुए जिन नेताओं पर आरोप लगाए जाते हैं, उनके राजनीतिक समीकरण बदलने पर परिस्थितियां अलग दिखाई देती हैं। ये आरोप सोनिया गांधी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
मनमोहन सिंह का निधन दिसंबर 2024 में हुआ था
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन 27 दिसंबर 2024 को हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने उनके निधन के बाद भी मामले के कानूनी पहलुओं की जांच की और यह देखा कि विशेष अदालत द्वारा CBI की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर संज्ञान लेना उचित था या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने अंततः विशेष अदालत के संबंधित आदेश को रद्द करते हुए CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली और मामले को बंद कर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मनमोहन सिंह को कोल ब्लॉक केस में क्या राहत मिली?
सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर दी और उन्हें आरोपी बनाने वाले निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया।
यह मामला किस कोयला ब्लॉक से जुड़ा था?
मामला ओडिशा के Talabira-II कोयला ब्लॉक के 2005 में हुए आवंटन से जुड़ा था।
सोनिया गांधी ने मोदी के बारे में क्या कहा?
सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2017 की मनमोहन सिंह पर की गई टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि प्रधानमंत्री को उस बयान पर आत्ममंथन करना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI की रिपोर्ट क्यों स्वीकार की?
अदालत ने माना कि विशेष अदालत के पास CBI की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर मामले में संज्ञान लेने का पर्याप्त आधार नहीं था।
💬 पाठक चर्चा (2)
Great coverage on regional logistics freight networks.
Important policy update for regional manufacturing hubs.
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