सीरिया में बशर अल-असद को फांसी की सजा: भाई माहेर और अतीफ नजीब भी दोषी, 9 पूर्व अधिकारियों पर बड़ा फैसला
सीरिया की दमिश्क अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद, उनके भाई माहेर और अतीफ नजीब समेत 9 पूर्व अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई।
सीरिया की राजधानी दमिश्क की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई। अदालत ने उनके छोटे भाई माहेर अल-असद और पूर्व सुरक्षा अधिकारी अतीफ नजीब समेत कुल 9 पूर्व शासन अधिकारियों को भी मौत की सजा दी। मामला 2011 से शुरू हुए विद्रोह के दौरान हत्या, यातना और नागरिकों के खिलाफ गंभीर अत्याचारों से जुड़ा है।
बशर अल-असद और माहेर अल-असद के खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में सुनाया गया। दोनों दिसंबर 2024 में उनकी सरकार गिरने के बाद रूस चले गए थे। वहीं बशर अल-असद के रिश्तेदार और पूर्व सुरक्षा अधिकारी अतीफ नजीब की सुनवाई अदालत में मौजूदगी में हुई। वह फैसले के समय कैदी की वर्दी में अदालत में मौजूद था।
बशर अल-असद के खिलाफ पहली बड़ी आपराधिक सजा
यह बशर अल-असद के खिलाफ सीरिया में उनकी सत्ता समाप्त होने के बाद आया पहला बड़ा आपराधिक फैसला है। अदालत ने उन्हें पूर्व शासन के दौरान हत्या, बच्चों की हत्या, यातना, मनमानी हिरासत और मानवता के खिलाफ अपराध से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया। अदालत ने बशर और माहेर अल-असद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाशे जाने का आदेश भी दिया है।
अदालत के फैसले में अतीफ नजीब समेत अन्य पूर्व अधिकारियों पर भी हत्या, यातना और हिरासत में लोगों की मौत से जुड़े गंभीर आरोपों को आधार बनाया गया। नजीब पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग और हिरासत केंद्रों में व्यवस्थित अत्याचारों में भूमिका के आरोप थे।
कौन हैं अतीफ नजीब और क्यों महत्वपूर्ण है उनका मामला
अतीफ नजीब बशर अल-असद के रिश्तेदार हैं और 2011 में दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के प्रमुख रहे थे। दारा वही क्षेत्र है जहां से असद सरकार के खिलाफ विरोध की शुरुआत हुई थी और बाद में यह आंदोलन देशव्यापी संघर्ष में बदल गया।
नजीब पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग, हत्या, यातना और मनमानी हिरासत में भूमिका के आरोप लगाए गए थे। अदालत ने उन्हें इन मामलों में दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई।
2011 के विरोध से शुरू हुआ था सीरिया का गृहयुद्ध
2011 में दारा से शुरू हुआ सरकार विरोधी आंदोलन धीरे-धीरे पूरे सीरिया में फैल गया। शुरुआती प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद हिंसा बढ़ती गई और देश लंबे गृहयुद्ध में फंस गया। इस संघर्ष में करीब 5 लाख लोगों की मौत हुई।
असद सरकार पर इस दौरान नागरिकों के खिलाफ हत्या, यातना, मनमानी गिरफ्तारी और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगते रहे। मंगलवार का फैसला इन्हीं घटनाओं से जुड़े मामलों में पूर्व शासन के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ हुई न्यायिक कार्रवाई का हिस्सा है।
दिसंबर 2024 में खत्म हुआ असद परिवार का शासन
दिसंबर 2024 में विद्रोही बलों के दमिश्क पहुंचने के बाद बशर अल-असद की सरकार गिर गई। इसके साथ ही सीरिया पर असद परिवार का दशकों पुराना शासन समाप्त हो गया। बशर अल-असद देश छोड़कर रूस चले गए, जबकि उनके शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी बाद में गिरफ्तार किए गए।
असद परिवार के शासन का अंत एक तेज सैन्य अभियान के बाद हुआ। विद्रोही ताकतों ने उत्तर-पश्चिम से आगे बढ़ते हुए राजधानी दमिश्क पर कब्जा किया और इसके बाद बशर अल-असद सत्ता से बाहर हो गए। वर्तमान सीरियाई नेतृत्व ने पूर्व शासन के दौरान हुए गंभीर अपराधों की जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू की।
रूस और ईरान का समर्थन भी असद सरकार को नहीं बचा सका
गृहयुद्ध के वर्षों में बशर अल-असद की सरकार को रूस और ईरान समेत कई सहयोगियों का समर्थन मिला। इस मदद ने उनकी सरकार को लंबे समय तक सत्ता में बने रहने में सहायता की। लेकिन 2024 के अंत में बदले सैन्य और राजनीतिक हालात के बीच विद्रोही गुट तेजी से आगे बढ़े।
अंततः विद्रोहियों के दमिश्क पहुंचने के साथ असद सरकार का पतन हो गया। बशर अल-असद रूस चले गए और सीरिया में उनके परिवार के लंबे शासन का अंत हो गया।
अदालत ने 9 पूर्व अधिकारियों को सुनाई मौत की सजा
दमिश्क की अदालत का मंगलवार का फैसला केवल बशर अल-असद, माहेर अल-असद और अतीफ नजीब तक सीमित नहीं है। अदालत ने कुल 9 पूर्व शासन अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई। बशर, माहेर और अन्य फरार आरोपियों की सुनवाई गैरमौजूदगी में हुई, जबकि अतीफ नजीब इस मामले में अदालत के सामने मौजूद था।
यह फैसला सीरिया में पूर्व असद शासन के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ चल रही जवाबदेही की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि मौत की सजा सुनाए जाने और उसके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच कानूनी प्रक्रिया लागू होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बशर अल-असद को किस सजा का फैसला सुनाया गया?
दमिश्क की अदालत ने बशर अल-असद को मौत की सजा सुनाई है। फैसला उनकी गैरमौजूदगी में हुआ।
क्या माहेर अल-असद को भी मौत की सजा मिली है?
हां। अदालत ने बशर अल-असद के छोटे भाई माहेर अल-असद को भी मौत की सजा सुनाई है। उनकी सुनवाई भी गैरमौजूदगी में हुई।
अतीफ नजीब कौन हैं?
अतीफ नजीब बशर अल-असद के रिश्तेदार और पूर्व सुरक्षा अधिकारी हैं। वह 2011 में दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के प्रमुख थे।
अदालत ने कुल कितने लोगों को मौत की सजा सुनाई?
दमिश्क की अदालत ने बशर अल-असद, माहेर अल-असद और अतीफ नजीब समेत कुल 9 पूर्व शासन अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई।
बशर अल-असद अभी कहां हैं?
बशर अल-असद दिसंबर 2024 में सरकार गिरने के बाद रूस चले गए थे। अदालत ने उनके खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में सुनाया।
💬 पाठक चर्चा (2)
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